वास्तविक गोचर से चंद्र राशिफल
राशिफल 2055।
2055
अपनी चंद्र राशि पढ़ें। हर पंक्ति किसी ग्रह का आपकी चंद्र राशि से गिने गए भाव में वास्तविक गोचर है, शास्त्रीय गोचर नियमों से पढ़ा गया। आपकी पूरी कुंडली और दशा इसमें बहुत कुछ जोड़ती हैं।
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संदर्भ: भारतीय मानक समय (+05:30)। दिनों की सूची इसी समय पर आधारित है।
अवधि: –
मेष
- गुरु आपके आठवें भाव (आयु, अचानक बदलाव, गुप्त बातों, शोध और विरासत) में: धीमी प्रगति और ज़रूरत से ज़्यादा वादे; योजनाएँ व्यावहारिक रखें।तक
- गुरु आपके नौवें भाव (भाग्य, पिता, गुरुजन, आस्था और लंबी यात्राओं) में: विकास, अच्छी सलाह, भाग्य और आशीर्वाद।से
- शनि आपके ग्यारहवें भाव (आय, लाभ, बड़े भाई-बहन, मित्रों और पूरी होने वाली इच्छाओं) में: अनुशासित मेहनत से स्थिर फल।तक
- शनि आपके बारहवें भाव (खर्च, विदेश, नींद, एकांत और मोक्ष) में: देरी और भारी ज़िम्मेदारियाँ; धैर्य और दिनचर्या सबसे ज़्यादा मदद करते हैं।से
- राहु आपके चौथे भाव (घर, माता, मन की शांति, संपत्ति और वाहन) में: भ्रम और अचानक बदलाव; शॉर्टकट से बचें।
- केतु आपके दसवें भाव (करियर, पद, सार्वजनिक काम और प्रतिष्ठा) में: बेचैनी और विरक्ति; ज़मीन से जुड़े रहें।
वृषभ
- गुरु आपके सातवें भाव (विवाह, साझेदारी और लोगों से व्यवहार) में: विकास, अच्छी सलाह, भाग्य और आशीर्वाद।तक
- गुरु आपके आठवें भाव (आयु, अचानक बदलाव, गुप्त बातों, शोध और विरासत) में: धीमी प्रगति और ज़रूरत से ज़्यादा वादे; योजनाएँ व्यावहारिक रखें।से
- शनि आपके दसवें भाव (करियर, पद, सार्वजनिक काम और प्रतिष्ठा) में: देरी और भारी ज़िम्मेदारियाँ; धैर्य और दिनचर्या सबसे ज़्यादा मदद करते हैं।तक
- शनि आपके ग्यारहवें भाव (आय, लाभ, बड़े भाई-बहन, मित्रों और पूरी होने वाली इच्छाओं) में: अनुशासित मेहनत से स्थिर फल।से
- राहु आपके तीसरे भाव (साहस, भाई-बहन, हाथ और वाणी के कौशल और छोटी यात्राओं) में: साहसी महत्वाकांक्षा और अप्रत्याशित अवसर।
- केतु आपके नौवें भाव (भाग्य, पिता, गुरुजन, आस्था और लंबी यात्राओं) में: बेचैनी और विरक्ति; ज़मीन से जुड़े रहें।
मिथुन
- गुरु आपके छठे भाव (दैनिक काम, स्वास्थ्य की दिनचर्या, प्रतिस्पर्धा और सेवा) में: धीमी प्रगति और ज़रूरत से ज़्यादा वादे; योजनाएँ व्यावहारिक रखें।तक
- गुरु आपके सातवें भाव (विवाह, साझेदारी और लोगों से व्यवहार) में: विकास, अच्छी सलाह, भाग्य और आशीर्वाद।से
- शनि आपके नौवें भाव (भाग्य, पिता, गुरुजन, आस्था और लंबी यात्राओं) में: देरी और भारी ज़िम्मेदारियाँ; धैर्य और दिनचर्या सबसे ज़्यादा मदद करते हैं।तक
- शनि आपके दसवें भाव (करियर, पद, सार्वजनिक काम और प्रतिष्ठा) में: देरी और भारी ज़िम्मेदारियाँ; धैर्य और दिनचर्या सबसे ज़्यादा मदद करते हैं।से
- राहु आपके दूसरे भाव (परिवार, वाणी, भोजन और संचित धन) में: भ्रम और अचानक बदलाव; शॉर्टकट से बचें।
- केतु आपके आठवें भाव (आयु, अचानक बदलाव, गुप्त बातों, शोध और विरासत) में: बेचैनी और विरक्ति; ज़मीन से जुड़े रहें।
कर्क
- गुरु आपके पाँचवें भाव (संतान, सृजन, पढ़ाई, बुद्धि और पूर्व पुण्य) में: विकास, अच्छी सलाह, भाग्य और आशीर्वाद।तक
- गुरु आपके छठे भाव (दैनिक काम, स्वास्थ्य की दिनचर्या, प्रतिस्पर्धा और सेवा) में: धीमी प्रगति और ज़रूरत से ज़्यादा वादे; योजनाएँ व्यावहारिक रखें।से
- शनि आपके आठवें भाव (आयु, अचानक बदलाव, गुप्त बातों, शोध और विरासत) में: देरी और भारी ज़िम्मेदारियाँ; धैर्य और दिनचर्या सबसे ज़्यादा मदद करते हैं।तक
- शनि आपके नौवें भाव (भाग्य, पिता, गुरुजन, आस्था और लंबी यात्राओं) में: देरी और भारी ज़िम्मेदारियाँ; धैर्य और दिनचर्या सबसे ज़्यादा मदद करते हैं।से
- राहु आपके पहले भाव (आपके शरीर, स्वभाव और दुनिया से मिलने के ढंग) में: भ्रम और अचानक बदलाव; शॉर्टकट से बचें।
- केतु आपके सातवें भाव (विवाह, साझेदारी और लोगों से व्यवहार) में: बेचैनी और विरक्ति; ज़मीन से जुड़े रहें।
सिंह
- गुरु आपके चौथे भाव (घर, माता, मन की शांति, संपत्ति और वाहन) में: धीमी प्रगति और ज़रूरत से ज़्यादा वादे; योजनाएँ व्यावहारिक रखें।तक
- गुरु आपके पाँचवें भाव (संतान, सृजन, पढ़ाई, बुद्धि और पूर्व पुण्य) में: विकास, अच्छी सलाह, भाग्य और आशीर्वाद।से
- शनि आपके सातवें भाव (विवाह, साझेदारी और लोगों से व्यवहार) में: देरी और भारी ज़िम्मेदारियाँ; धैर्य और दिनचर्या सबसे ज़्यादा मदद करते हैं।तक
- शनि आपके आठवें भाव (आयु, अचानक बदलाव, गुप्त बातों, शोध और विरासत) में: देरी और भारी ज़िम्मेदारियाँ; धैर्य और दिनचर्या सबसे ज़्यादा मदद करते हैं।से
- राहु आपके बारहवें भाव (खर्च, विदेश, नींद, एकांत और मोक्ष) में: भ्रम और अचानक बदलाव; शॉर्टकट से बचें।
- केतु आपके छठे भाव (दैनिक काम, स्वास्थ्य की दिनचर्या, प्रतिस्पर्धा और सेवा) में: अंतर्दृष्टि, शोध और जो पूरा हो चुका उसे छोड़ना।
कन्या
- गुरु आपके तीसरे भाव (साहस, भाई-बहन, हाथ और वाणी के कौशल और छोटी यात्राओं) में: धीमी प्रगति और ज़रूरत से ज़्यादा वादे; योजनाएँ व्यावहारिक रखें।तक
- गुरु आपके चौथे भाव (घर, माता, मन की शांति, संपत्ति और वाहन) में: धीमी प्रगति और ज़रूरत से ज़्यादा वादे; योजनाएँ व्यावहारिक रखें।से
- शनि आपके छठे भाव (दैनिक काम, स्वास्थ्य की दिनचर्या, प्रतिस्पर्धा और सेवा) में: अनुशासित मेहनत से स्थिर फल।तक
- शनि आपके सातवें भाव (विवाह, साझेदारी और लोगों से व्यवहार) में: देरी और भारी ज़िम्मेदारियाँ; धैर्य और दिनचर्या सबसे ज़्यादा मदद करते हैं।से
- राहु आपके ग्यारहवें भाव (आय, लाभ, बड़े भाई-बहन, मित्रों और पूरी होने वाली इच्छाओं) में: साहसी महत्वाकांक्षा और अप्रत्याशित अवसर।
- केतु आपके पाँचवें भाव (संतान, सृजन, पढ़ाई, बुद्धि और पूर्व पुण्य) में: बेचैनी और विरक्ति; ज़मीन से जुड़े रहें।
तुला
- गुरु आपके दूसरे भाव (परिवार, वाणी, भोजन और संचित धन) में: विकास, अच्छी सलाह, भाग्य और आशीर्वाद।तक
- गुरु आपके तीसरे भाव (साहस, भाई-बहन, हाथ और वाणी के कौशल और छोटी यात्राओं) में: धीमी प्रगति और ज़रूरत से ज़्यादा वादे; योजनाएँ व्यावहारिक रखें।से
- शनि आपके पाँचवें भाव (संतान, सृजन, पढ़ाई, बुद्धि और पूर्व पुण्य) में: देरी और भारी ज़िम्मेदारियाँ; धैर्य और दिनचर्या सबसे ज़्यादा मदद करते हैं।तक
- शनि आपके छठे भाव (दैनिक काम, स्वास्थ्य की दिनचर्या, प्रतिस्पर्धा और सेवा) में: अनुशासित मेहनत से स्थिर फल।से
- राहु आपके दसवें भाव (करियर, पद, सार्वजनिक काम और प्रतिष्ठा) में: भ्रम और अचानक बदलाव; शॉर्टकट से बचें।
- केतु आपके चौथे भाव (घर, माता, मन की शांति, संपत्ति और वाहन) में: बेचैनी और विरक्ति; ज़मीन से जुड़े रहें।
वृश्चिक
- गुरु आपके पहले भाव (आपके शरीर, स्वभाव और दुनिया से मिलने के ढंग) में: धीमी प्रगति और ज़रूरत से ज़्यादा वादे; योजनाएँ व्यावहारिक रखें।तक
- गुरु आपके दूसरे भाव (परिवार, वाणी, भोजन और संचित धन) में: विकास, अच्छी सलाह, भाग्य और आशीर्वाद।से
- शनि आपके चौथे भाव (घर, माता, मन की शांति, संपत्ति और वाहन) में: देरी और भारी ज़िम्मेदारियाँ; धैर्य और दिनचर्या सबसे ज़्यादा मदद करते हैं।तक
- शनि आपके पाँचवें भाव (संतान, सृजन, पढ़ाई, बुद्धि और पूर्व पुण्य) में: देरी और भारी ज़िम्मेदारियाँ; धैर्य और दिनचर्या सबसे ज़्यादा मदद करते हैं।से
- राहु आपके नौवें भाव (भाग्य, पिता, गुरुजन, आस्था और लंबी यात्राओं) में: भ्रम और अचानक बदलाव; शॉर्टकट से बचें।
- केतु आपके तीसरे भाव (साहस, भाई-बहन, हाथ और वाणी के कौशल और छोटी यात्राओं) में: अंतर्दृष्टि, शोध और जो पूरा हो चुका उसे छोड़ना।
धनु
- गुरु आपके बारहवें भाव (खर्च, विदेश, नींद, एकांत और मोक्ष) में: धीमी प्रगति और ज़रूरत से ज़्यादा वादे; योजनाएँ व्यावहारिक रखें।तक
- गुरु आपके पहले भाव (आपके शरीर, स्वभाव और दुनिया से मिलने के ढंग) में: धीमी प्रगति और ज़रूरत से ज़्यादा वादे; योजनाएँ व्यावहारिक रखें।से
- शनि आपके तीसरे भाव (साहस, भाई-बहन, हाथ और वाणी के कौशल और छोटी यात्राओं) में: अनुशासित मेहनत से स्थिर फल।तक
- शनि आपके चौथे भाव (घर, माता, मन की शांति, संपत्ति और वाहन) में: देरी और भारी ज़िम्मेदारियाँ; धैर्य और दिनचर्या सबसे ज़्यादा मदद करते हैं।से
- राहु आपके आठवें भाव (आयु, अचानक बदलाव, गुप्त बातों, शोध और विरासत) में: भ्रम और अचानक बदलाव; शॉर्टकट से बचें।
- केतु आपके दूसरे भाव (परिवार, वाणी, भोजन और संचित धन) में: बेचैनी और विरक्ति; ज़मीन से जुड़े रहें।
मकर
- गुरु आपके ग्यारहवें भाव (आय, लाभ, बड़े भाई-बहन, मित्रों और पूरी होने वाली इच्छाओं) में: विकास, अच्छी सलाह, भाग्य और आशीर्वाद।तक
- गुरु आपके बारहवें भाव (खर्च, विदेश, नींद, एकांत और मोक्ष) में: धीमी प्रगति और ज़रूरत से ज़्यादा वादे; योजनाएँ व्यावहारिक रखें।से
- शनि आपके दूसरे भाव (परिवार, वाणी, भोजन और संचित धन) में: देरी और भारी ज़िम्मेदारियाँ; धैर्य और दिनचर्या सबसे ज़्यादा मदद करते हैं।तक
- शनि आपके तीसरे भाव (साहस, भाई-बहन, हाथ और वाणी के कौशल और छोटी यात्राओं) में: अनुशासित मेहनत से स्थिर फल।से
- राहु आपके सातवें भाव (विवाह, साझेदारी और लोगों से व्यवहार) में: भ्रम और अचानक बदलाव; शॉर्टकट से बचें।
- केतु आपके पहले भाव (आपके शरीर, स्वभाव और दुनिया से मिलने के ढंग) में: बेचैनी और विरक्ति; ज़मीन से जुड़े रहें।
कुंभ
- गुरु आपके दसवें भाव (करियर, पद, सार्वजनिक काम और प्रतिष्ठा) में: धीमी प्रगति और ज़रूरत से ज़्यादा वादे; योजनाएँ व्यावहारिक रखें।तक
- गुरु आपके ग्यारहवें भाव (आय, लाभ, बड़े भाई-बहन, मित्रों और पूरी होने वाली इच्छाओं) में: विकास, अच्छी सलाह, भाग्य और आशीर्वाद।से
- शनि आपके पहले भाव (आपके शरीर, स्वभाव और दुनिया से मिलने के ढंग) में: देरी और भारी ज़िम्मेदारियाँ; धैर्य और दिनचर्या सबसे ज़्यादा मदद करते हैं।तक
- शनि आपके दूसरे भाव (परिवार, वाणी, भोजन और संचित धन) में: देरी और भारी ज़िम्मेदारियाँ; धैर्य और दिनचर्या सबसे ज़्यादा मदद करते हैं।से
- राहु आपके छठे भाव (दैनिक काम, स्वास्थ्य की दिनचर्या, प्रतिस्पर्धा और सेवा) में: साहसी महत्वाकांक्षा और अप्रत्याशित अवसर।
- केतु आपके बारहवें भाव (खर्च, विदेश, नींद, एकांत और मोक्ष) में: बेचैनी और विरक्ति; ज़मीन से जुड़े रहें।
मीन
- गुरु आपके नौवें भाव (भाग्य, पिता, गुरुजन, आस्था और लंबी यात्राओं) में: विकास, अच्छी सलाह, भाग्य और आशीर्वाद।तक
- गुरु आपके दसवें भाव (करियर, पद, सार्वजनिक काम और प्रतिष्ठा) में: धीमी प्रगति और ज़रूरत से ज़्यादा वादे; योजनाएँ व्यावहारिक रखें।से
- शनि आपके बारहवें भाव (खर्च, विदेश, नींद, एकांत और मोक्ष) में: देरी और भारी ज़िम्मेदारियाँ; धैर्य और दिनचर्या सबसे ज़्यादा मदद करते हैं।तक
- शनि आपके पहले भाव (आपके शरीर, स्वभाव और दुनिया से मिलने के ढंग) में: देरी और भारी ज़िम्मेदारियाँ; धैर्य और दिनचर्या सबसे ज़्यादा मदद करते हैं।से
- राहु आपके पाँचवें भाव (संतान, सृजन, पढ़ाई, बुद्धि और पूर्व पुण्य) में: भ्रम और अचानक बदलाव; शॉर्टकट से बचें।
- केतु आपके ग्यारहवें भाव (आय, लाभ, बड़े भाई-बहन, मित्रों और पूरी होने वाली इच्छाओं) में: अंतर्दृष्टि, शोध और जो पूरा हो चुका उसे छोड़ना।
लाहिरी अयनांश से स्थितियाँ; भाव चंद्र राशि से (पूर्ण राशि)। शुभ भाव फलदीपिका के अनुसार; वेध नहीं लगाया गया। चिंतन के लिए, भविष्यवाणी नहीं।
सब कुछ खोजें मेरे लिए कौन-सी रिपोर्ट?
मुफ़्त · साइन-इन नहीं
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