परंपरा और स्थान के अनुसार तिथियाँ अलग हो सकती हैं। परिवार या मंदिर की स्थानीय परंपरा भी देखें।
इस पर्व की तिथि
लक्ष्मी पूजा कार्तिक अमावस्या से जुड़ी है, जिसे अमांत कैलेंडर में आश्विन अमावस्या कहते हैं। धनतेरस, गोवर्धन पूजा और भाई दूज की अपनी परंपराएँ हैं। पाँचों दिन लगातार होने का अनुमान लगाने के बजाय नीचे चुने गए शहर के लिए हर पर्व की तिथि देखें।
भारत में कैसे मनाते हैं
उत्तर भारत: शाम को लक्ष्मी-गणेश पूजा, दीप, और आगे के पर्व दिनों में गोवर्धन पूजा व अन्नकूट।
पश्चिम बंगाल, असम और ओडिशा: अमावस्या की रात काली पूजा।
तमिलनाडु, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश: नरक चतुर्दशी, सूर्योदय से पहले तेल स्नान के साथ, मुख्य दिन है।
गुजरात: नव वर्ष (बेस्तु वरस) गोवर्धन पूजा के साथ मनाया जाता है।
महाराष्ट्र: दिवाली पाड़वा और भाऊबीज के साथ पर्व पूरा होता है।
योजना बनाते समय
लक्ष्मी पूजा परंपरा में शाम को होती है। इस गाइड में पर्व की तिथियाँ हैं, विशेष पूजा मुहूर्त नहीं; जुड़े पंचांग में दिन के सामान्य समय हैं।
धनतेरस सोना, चाँदी और बर्तन ख़रीदने का पारंपरिक दिन है।