करवा चौथ सुहागिन महिलाओं का व्रत है, सूर्योदय से पहले से चंद्रोदय तक, सुखी और लंबे वैवाहिक जीवन के लिए। आपके शहर की तिथि, उन्नत iAstroGuru इंजन से गणना की गई।
परंपरा और स्थान के अनुसार तिथियाँ अलग हो सकती हैं। परिवार या मंदिर की स्थानीय परंपरा भी देखें।
इस पर्व की तिथि
करवा चौथ उत्तर भारत के पूर्णिमांत कैलेंडर में कार्तिक कृष्ण चतुर्थी से जुड़ा है, जिसे अमांत कैलेंडर में आश्विन कृष्ण चतुर्थी कहते हैं। चंद्रोदय इस व्रत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। नीचे चुने गए शहर की तिथि देखें; परिवार और मंदिर की स्थानीय परंपरा अलग हो सकती है।
कहाँ और कैसे मनाते हैं
पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और हिमाचल प्रदेश में करवा चौथ सबसे अधिक मनाया जाता है।
सास द्वारा दी गई सरगी सूर्योदय से पहले खाई जाती है; चंद्रोदय तक अन्न-जल नहीं लिया जाता।
शाम को महिलाएँ कथा और करवा पूजा के लिए एकत्र होती हैं, फिर छलनी से चंद्र दर्शन कर अर्घ्य देती हैं।
महाराष्ट्र, कर्नाटक और दक्षिण भारत में यही तिथि गणेश जी की संकष्टी चतुर्थी के रूप में मनाई जाती है।
योजना बनाते समय
चंद्रोदय का समय शहर के अनुसार कई मिनट बदलता है; राष्ट्रीय समय नहीं, अपने शहर का समय देखें।
गर्भवती, अस्वस्थ और बुज़ुर्ग महिलाएँ प्रायः हल्का व्रत रखती हैं; पारिवारिक परंपरा और डॉक्टर की सलाह मानें।