वास्तविक गोचर से चंद्र राशिफल
इस महीने का राशिफल।
अक्टूबर 2026
अपनी चंद्र राशि पढ़ें। हर पंक्ति किसी ग्रह का आपकी चंद्र राशि से गिने गए भाव में वास्तविक गोचर है, शास्त्रीय गोचर नियमों से पढ़ा गया। आपकी पूरी कुंडली और दशा इसमें बहुत कुछ जोड़ती हैं।
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संदर्भ: भारतीय मानक समय (+05:30)। दिनों की सूची इसी समय पर आधारित है।
अवधि: –
मेष
- सूर्य आपके छठे भाव (दैनिक काम, स्वास्थ्य की दिनचर्या, प्रतिस्पर्धा और सेवा) में: पहचान, ऊर्जा और अधिकारियों का सहयोग।तक
- सूर्य आपके सातवें भाव (विवाह, साझेदारी और लोगों से व्यवहार) में: अहं का टकराव और थकान; गति संतुलित रखें और वरिष्ठों से धैर्य रखें।से
- मंगल आपके चौथे भाव (घर, माता, मन की शांति, संपत्ति और वाहन) में: जल्दबाज़ी, बहस और छोटी चोटें; प्रतिक्रिया से पहले रुकें।
- बुध आपके सातवें भाव (विवाह, साझेदारी और लोगों से व्यवहार) में: ग़लतफ़हमियाँ और काग़ज़ी भूलें; संदेश दोबारा जाँचें।
- शुक्र आपके सातवें भाव (विवाह, साझेदारी और लोगों से व्यवहार) में: अधिक ख़र्च और भोग; बजट हल्का रखें।
- गुरु आपके चौथे भाव (घर, माता, मन की शांति, संपत्ति और वाहन) में: धीमी प्रगति और ज़रूरत से ज़्यादा वादे; योजनाएँ व्यावहारिक रखें।तक
- गुरु आपके पाँचवें भाव (संतान, सृजन, पढ़ाई, बुद्धि और पूर्व पुण्य) में: विकास, अच्छी सलाह, भाग्य और आशीर्वाद।से
- शनि आपके बारहवें भाव (खर्च, विदेश, नींद, एकांत और मोक्ष) में: देरी और भारी ज़िम्मेदारियाँ; धैर्य और दिनचर्या सबसे ज़्यादा मदद करते हैं।
- राहु आपके ग्यारहवें भाव (आय, लाभ, बड़े भाई-बहन, मित्रों और पूरी होने वाली इच्छाओं) में: साहसी महत्वाकांक्षा और अप्रत्याशित अवसर।
शुभ दिन: शनि, 3 अक्टू॰, रवि, 4 अक्टू॰, शुक्र, 9 अक्टू॰, शनि, 10 अक्टू॰, रवि, 11 अक्टू॰, सोम, 12 अक्टू॰, मंगल, 13 अक्टू॰, सोम, 19 अक्टू॰, मंगल, 20 अक्टू॰, बुध, 21 अक्टू॰, गुरु, 22 अक्टू॰, शुक्र, 23 अक्टू॰, सोम, 26 अक्टू॰, मंगल, 27 अक्टू॰, शुक्र, 30 अक्टू॰, शनि, 31 अक्टू॰
संभलकर (चंद्राष्टम): बुध, 14 अक्टू॰, गुरु, 15 अक्टू॰
वृषभ
- सूर्य आपके पाँचवें भाव (संतान, सृजन, पढ़ाई, बुद्धि और पूर्व पुण्य) में: अहं का टकराव और थकान; गति संतुलित रखें और वरिष्ठों से धैर्य रखें।तक
- सूर्य आपके छठे भाव (दैनिक काम, स्वास्थ्य की दिनचर्या, प्रतिस्पर्धा और सेवा) में: पहचान, ऊर्जा और अधिकारियों का सहयोग।से
- मंगल आपके तीसरे भाव (साहस, भाई-बहन, हाथ और वाणी के कौशल और छोटी यात्राओं) में: जोश, साहस और प्रतिस्पर्धा में जीत।
- बुध आपके छठे भाव (दैनिक काम, स्वास्थ्य की दिनचर्या, प्रतिस्पर्धा और सेवा) में: स्पष्ट सोच, अच्छी बातचीत, अध्ययन और व्यापार।
- शुक्र आपके छठे भाव (दैनिक काम, स्वास्थ्य की दिनचर्या, प्रतिस्पर्धा और सेवा) में: अधिक ख़र्च और भोग; बजट हल्का रखें।
- गुरु आपके तीसरे भाव (साहस, भाई-बहन, हाथ और वाणी के कौशल और छोटी यात्राओं) में: धीमी प्रगति और ज़रूरत से ज़्यादा वादे; योजनाएँ व्यावहारिक रखें।तक
- गुरु आपके चौथे भाव (घर, माता, मन की शांति, संपत्ति और वाहन) में: धीमी प्रगति और ज़रूरत से ज़्यादा वादे; योजनाएँ व्यावहारिक रखें।से
- शनि आपके ग्यारहवें भाव (आय, लाभ, बड़े भाई-बहन, मित्रों और पूरी होने वाली इच्छाओं) में: अनुशासित मेहनत से स्थिर फल।
- राहु आपके दसवें भाव (करियर, पद, सार्वजनिक काम और प्रतिष्ठा) में: भ्रम और अचानक बदलाव; शॉर्टकट से बचें।
शुभ दिन: गुरु, 1 अक्टू॰, शुक्र, 2 अक्टू॰, सोम, 5 अक्टू॰, मंगल, 6 अक्टू॰, रवि, 11 अक्टू॰, सोम, 12 अक्टू॰, मंगल, 13 अक्टू॰, बुध, 14 अक्टू॰, गुरु, 15 अक्टू॰, बुध, 21 अक्टू॰, गुरु, 22 अक्टू॰, शुक्र, 23 अक्टू॰, शनि, 24 अक्टू॰, रवि, 25 अक्टू॰, बुध, 28 अक्टू॰, गुरु, 29 अक्टू॰
संभलकर (चंद्राष्टम): शुक्र, 16 अक्टू॰, शनि, 17 अक्टू॰, रवि, 18 अक्टू॰
मिथुन
- सूर्य आपके चौथे भाव (घर, माता, मन की शांति, संपत्ति और वाहन) में: अहं का टकराव और थकान; गति संतुलित रखें और वरिष्ठों से धैर्य रखें।तक
- सूर्य आपके पाँचवें भाव (संतान, सृजन, पढ़ाई, बुद्धि और पूर्व पुण्य) में: अहं का टकराव और थकान; गति संतुलित रखें और वरिष्ठों से धैर्य रखें।से
- मंगल आपके दूसरे भाव (परिवार, वाणी, भोजन और संचित धन) में: जल्दबाज़ी, बहस और छोटी चोटें; प्रतिक्रिया से पहले रुकें।
- बुध आपके पाँचवें भाव (संतान, सृजन, पढ़ाई, बुद्धि और पूर्व पुण्य) में: ग़लतफ़हमियाँ और काग़ज़ी भूलें; संदेश दोबारा जाँचें।
- शुक्र आपके पाँचवें भाव (संतान, सृजन, पढ़ाई, बुद्धि और पूर्व पुण्य) में: रिश्तों में मधुरता, सुख-सुविधा और रचनात्मक आनंद।
- गुरु आपके दूसरे भाव (परिवार, वाणी, भोजन और संचित धन) में: विकास, अच्छी सलाह, भाग्य और आशीर्वाद।तक
- गुरु आपके तीसरे भाव (साहस, भाई-बहन, हाथ और वाणी के कौशल और छोटी यात्राओं) में: धीमी प्रगति और ज़रूरत से ज़्यादा वादे; योजनाएँ व्यावहारिक रखें।से
- शनि आपके दसवें भाव (करियर, पद, सार्वजनिक काम और प्रतिष्ठा) में: देरी और भारी ज़िम्मेदारियाँ; धैर्य और दिनचर्या सबसे ज़्यादा मदद करते हैं।
- राहु आपके नौवें भाव (भाग्य, पिता, गुरुजन, आस्था और लंबी यात्राओं) में: भ्रम और अचानक बदलाव; शॉर्टकट से बचें।
शुभ दिन: शनि, 3 अक्टू॰, रवि, 4 अक्टू॰, बुध, 7 अक्टू॰, गुरु, 8 अक्टू॰, बुध, 14 अक्टू॰, गुरु, 15 अक्टू॰, शुक्र, 16 अक्टू॰, शनि, 17 अक्टू॰, रवि, 18 अक्टू॰, शनि, 24 अक्टू॰, रवि, 25 अक्टू॰, सोम, 26 अक्टू॰, मंगल, 27 अक्टू॰, शुक्र, 30 अक्टू॰, शनि, 31 अक्टू॰
संभलकर (चंद्राष्टम): सोम, 19 अक्टू॰, मंगल, 20 अक्टू॰
कर्क
- सूर्य आपके तीसरे भाव (साहस, भाई-बहन, हाथ और वाणी के कौशल और छोटी यात्राओं) में: पहचान, ऊर्जा और अधिकारियों का सहयोग।तक
- सूर्य आपके चौथे भाव (घर, माता, मन की शांति, संपत्ति और वाहन) में: अहं का टकराव और थकान; गति संतुलित रखें और वरिष्ठों से धैर्य रखें।से
- मंगल आपके पहले भाव (आपके शरीर, स्वभाव और दुनिया से मिलने के ढंग) में: जल्दबाज़ी, बहस और छोटी चोटें; प्रतिक्रिया से पहले रुकें।
- बुध आपके चौथे भाव (घर, माता, मन की शांति, संपत्ति और वाहन) में: स्पष्ट सोच, अच्छी बातचीत, अध्ययन और व्यापार।
- शुक्र आपके चौथे भाव (घर, माता, मन की शांति, संपत्ति और वाहन) में: रिश्तों में मधुरता, सुख-सुविधा और रचनात्मक आनंद।
- गुरु आपके पहले भाव (आपके शरीर, स्वभाव और दुनिया से मिलने के ढंग) में: धीमी प्रगति और ज़रूरत से ज़्यादा वादे; योजनाएँ व्यावहारिक रखें।तक
- गुरु आपके दूसरे भाव (परिवार, वाणी, भोजन और संचित धन) में: विकास, अच्छी सलाह, भाग्य और आशीर्वाद।से
- शनि आपके नौवें भाव (भाग्य, पिता, गुरुजन, आस्था और लंबी यात्राओं) में: देरी और भारी ज़िम्मेदारियाँ; धैर्य और दिनचर्या सबसे ज़्यादा मदद करते हैं।
- राहु आपके आठवें भाव (आयु, अचानक बदलाव, गुप्त बातों, शोध और विरासत) में: भ्रम और अचानक बदलाव; शॉर्टकट से बचें।
शुभ दिन: गुरु, 1 अक्टू॰, शुक्र, 2 अक्टू॰, सोम, 5 अक्टू॰, मंगल, 6 अक्टू॰, शुक्र, 9 अक्टू॰, शनि, 10 अक्टू॰, शुक्र, 16 अक्टू॰, शनि, 17 अक्टू॰, रवि, 18 अक्टू॰, सोम, 19 अक्टू॰, मंगल, 20 अक्टू॰, सोम, 26 अक्टू॰, मंगल, 27 अक्टू॰, बुध, 28 अक्टू॰, गुरु, 29 अक्टू॰
संभलकर (चंद्राष्टम): बुध, 21 अक्टू॰, गुरु, 22 अक्टू॰, शुक्र, 23 अक्टू॰
सिंह
- सूर्य आपके दूसरे भाव (परिवार, वाणी, भोजन और संचित धन) में: अहं का टकराव और थकान; गति संतुलित रखें और वरिष्ठों से धैर्य रखें।तक
- सूर्य आपके तीसरे भाव (साहस, भाई-बहन, हाथ और वाणी के कौशल और छोटी यात्राओं) में: पहचान, ऊर्जा और अधिकारियों का सहयोग।से
- मंगल आपके बारहवें भाव (खर्च, विदेश, नींद, एकांत और मोक्ष) में: जल्दबाज़ी, बहस और छोटी चोटें; प्रतिक्रिया से पहले रुकें।
- बुध आपके तीसरे भाव (साहस, भाई-बहन, हाथ और वाणी के कौशल और छोटी यात्राओं) में: ग़लतफ़हमियाँ और काग़ज़ी भूलें; संदेश दोबारा जाँचें।
- शुक्र आपके तीसरे भाव (साहस, भाई-बहन, हाथ और वाणी के कौशल और छोटी यात्राओं) में: रिश्तों में मधुरता, सुख-सुविधा और रचनात्मक आनंद।
- गुरु आपके बारहवें भाव (खर्च, विदेश, नींद, एकांत और मोक्ष) में: धीमी प्रगति और ज़रूरत से ज़्यादा वादे; योजनाएँ व्यावहारिक रखें।तक
- गुरु आपके पहले भाव (आपके शरीर, स्वभाव और दुनिया से मिलने के ढंग) में: धीमी प्रगति और ज़रूरत से ज़्यादा वादे; योजनाएँ व्यावहारिक रखें।से
- शनि आपके आठवें भाव (आयु, अचानक बदलाव, गुप्त बातों, शोध और विरासत) में: देरी और भारी ज़िम्मेदारियाँ; धैर्य और दिनचर्या सबसे ज़्यादा मदद करते हैं।
- राहु आपके सातवें भाव (विवाह, साझेदारी और लोगों से व्यवहार) में: भ्रम और अचानक बदलाव; शॉर्टकट से बचें।
शुभ दिन: गुरु, 1 अक्टू॰, शुक्र, 2 अक्टू॰, शनि, 3 अक्टू॰, रवि, 4 अक्टू॰, बुध, 7 अक्टू॰, गुरु, 8 अक्टू॰, रवि, 11 अक्टू॰, सोम, 12 अक्टू॰, मंगल, 13 अक्टू॰, सोम, 19 अक्टू॰, मंगल, 20 अक्टू॰, बुध, 21 अक्टू॰, गुरु, 22 अक्टू॰, शुक्र, 23 अक्टू॰, बुध, 28 अक्टू॰, गुरु, 29 अक्टू॰, शुक्र, 30 अक्टू॰, शनि, 31 अक्टू॰
संभलकर (चंद्राष्टम): शनि, 24 अक्टू॰, रवि, 25 अक्टू॰
कन्या
- सूर्य आपके पहले भाव (आपके शरीर, स्वभाव और दुनिया से मिलने के ढंग) में: अहं का टकराव और थकान; गति संतुलित रखें और वरिष्ठों से धैर्य रखें।तक
- सूर्य आपके दूसरे भाव (परिवार, वाणी, भोजन और संचित धन) में: अहं का टकराव और थकान; गति संतुलित रखें और वरिष्ठों से धैर्य रखें।से
- मंगल आपके ग्यारहवें भाव (आय, लाभ, बड़े भाई-बहन, मित्रों और पूरी होने वाली इच्छाओं) में: जोश, साहस और प्रतिस्पर्धा में जीत।
- बुध आपके दूसरे भाव (परिवार, वाणी, भोजन और संचित धन) में: स्पष्ट सोच, अच्छी बातचीत, अध्ययन और व्यापार।
- शुक्र आपके दूसरे भाव (परिवार, वाणी, भोजन और संचित धन) में: रिश्तों में मधुरता, सुख-सुविधा और रचनात्मक आनंद।
- गुरु आपके ग्यारहवें भाव (आय, लाभ, बड़े भाई-बहन, मित्रों और पूरी होने वाली इच्छाओं) में: विकास, अच्छी सलाह, भाग्य और आशीर्वाद।तक
- गुरु आपके बारहवें भाव (खर्च, विदेश, नींद, एकांत और मोक्ष) में: धीमी प्रगति और ज़रूरत से ज़्यादा वादे; योजनाएँ व्यावहारिक रखें।से
- शनि आपके सातवें भाव (विवाह, साझेदारी और लोगों से व्यवहार) में: देरी और भारी ज़िम्मेदारियाँ; धैर्य और दिनचर्या सबसे ज़्यादा मदद करते हैं।
- राहु आपके छठे भाव (दैनिक काम, स्वास्थ्य की दिनचर्या, प्रतिस्पर्धा और सेवा) में: साहसी महत्वाकांक्षा और अप्रत्याशित अवसर।
शुभ दिन: शनि, 3 अक्टू॰, रवि, 4 अक्टू॰, सोम, 5 अक्टू॰, मंगल, 6 अक्टू॰, शुक्र, 9 अक्टू॰, शनि, 10 अक्टू॰, बुध, 14 अक्टू॰, गुरु, 15 अक्टू॰, बुध, 21 अक्टू॰, गुरु, 22 अक्टू॰, शुक्र, 23 अक्टू॰, शनि, 24 अक्टू॰, रवि, 25 अक्टू॰, शुक्र, 30 अक्टू॰, शनि, 31 अक्टू॰
संभलकर (चंद्राष्टम): सोम, 26 अक्टू॰, मंगल, 27 अक्टू॰
तुला
- सूर्य आपके बारहवें भाव (खर्च, विदेश, नींद, एकांत और मोक्ष) में: अहं का टकराव और थकान; गति संतुलित रखें और वरिष्ठों से धैर्य रखें।तक
- सूर्य आपके पहले भाव (आपके शरीर, स्वभाव और दुनिया से मिलने के ढंग) में: अहं का टकराव और थकान; गति संतुलित रखें और वरिष्ठों से धैर्य रखें।से
- मंगल आपके दसवें भाव (करियर, पद, सार्वजनिक काम और प्रतिष्ठा) में: जल्दबाज़ी, बहस और छोटी चोटें; प्रतिक्रिया से पहले रुकें।
- बुध आपके पहले भाव (आपके शरीर, स्वभाव और दुनिया से मिलने के ढंग) में: ग़लतफ़हमियाँ और काग़ज़ी भूलें; संदेश दोबारा जाँचें।
- शुक्र आपके पहले भाव (आपके शरीर, स्वभाव और दुनिया से मिलने के ढंग) में: रिश्तों में मधुरता, सुख-सुविधा और रचनात्मक आनंद।
- गुरु आपके दसवें भाव (करियर, पद, सार्वजनिक काम और प्रतिष्ठा) में: धीमी प्रगति और ज़रूरत से ज़्यादा वादे; योजनाएँ व्यावहारिक रखें।तक
- गुरु आपके ग्यारहवें भाव (आय, लाभ, बड़े भाई-बहन, मित्रों और पूरी होने वाली इच्छाओं) में: विकास, अच्छी सलाह, भाग्य और आशीर्वाद।से
- शनि आपके छठे भाव (दैनिक काम, स्वास्थ्य की दिनचर्या, प्रतिस्पर्धा और सेवा) में: अनुशासित मेहनत से स्थिर फल।
- राहु आपके पाँचवें भाव (संतान, सृजन, पढ़ाई, बुद्धि और पूर्व पुण्य) में: भ्रम और अचानक बदलाव; शॉर्टकट से बचें।
शुभ दिन: सोम, 5 अक्टू॰, मंगल, 6 अक्टू॰, बुध, 7 अक्टू॰, गुरु, 8 अक्टू॰, रवि, 11 अक्टू॰, सोम, 12 अक्टू॰, मंगल, 13 अक्टू॰, शुक्र, 16 अक्टू॰, शनि, 17 अक्टू॰, रवि, 18 अक्टू॰, शनि, 24 अक्टू॰, रवि, 25 अक्टू॰, सोम, 26 अक्टू॰, मंगल, 27 अक्टू॰
संभलकर (चंद्राष्टम): गुरु, 1 अक्टू॰, शुक्र, 2 अक्टू॰, बुध, 28 अक्टू॰, गुरु, 29 अक्टू॰
वृश्चिक
- सूर्य आपके ग्यारहवें भाव (आय, लाभ, बड़े भाई-बहन, मित्रों और पूरी होने वाली इच्छाओं) में: पहचान, ऊर्जा और अधिकारियों का सहयोग।तक
- सूर्य आपके बारहवें भाव (खर्च, विदेश, नींद, एकांत और मोक्ष) में: अहं का टकराव और थकान; गति संतुलित रखें और वरिष्ठों से धैर्य रखें।से
- मंगल आपके नौवें भाव (भाग्य, पिता, गुरुजन, आस्था और लंबी यात्राओं) में: जल्दबाज़ी, बहस और छोटी चोटें; प्रतिक्रिया से पहले रुकें।
- बुध आपके बारहवें भाव (खर्च, विदेश, नींद, एकांत और मोक्ष) में: ग़लतफ़हमियाँ और काग़ज़ी भूलें; संदेश दोबारा जाँचें।
- शुक्र आपके बारहवें भाव (खर्च, विदेश, नींद, एकांत और मोक्ष) में: रिश्तों में मधुरता, सुख-सुविधा और रचनात्मक आनंद।
- गुरु आपके नौवें भाव (भाग्य, पिता, गुरुजन, आस्था और लंबी यात्राओं) में: विकास, अच्छी सलाह, भाग्य और आशीर्वाद।तक
- गुरु आपके दसवें भाव (करियर, पद, सार्वजनिक काम और प्रतिष्ठा) में: धीमी प्रगति और ज़रूरत से ज़्यादा वादे; योजनाएँ व्यावहारिक रखें।से
- शनि आपके पाँचवें भाव (संतान, सृजन, पढ़ाई, बुद्धि और पूर्व पुण्य) में: देरी और भारी ज़िम्मेदारियाँ; धैर्य और दिनचर्या सबसे ज़्यादा मदद करते हैं।
- राहु आपके चौथे भाव (घर, माता, मन की शांति, संपत्ति और वाहन) में: भ्रम और अचानक बदलाव; शॉर्टकट से बचें।
शुभ दिन: गुरु, 1 अक्टू॰, शुक्र, 2 अक्टू॰, बुध, 7 अक्टू॰, गुरु, 8 अक्टू॰, शुक्र, 9 अक्टू॰, शनि, 10 अक्टू॰, बुध, 14 अक्टू॰, गुरु, 15 अक्टू॰, सोम, 19 अक्टू॰, मंगल, 20 अक्टू॰, सोम, 26 अक्टू॰, मंगल, 27 अक्टू॰, बुध, 28 अक्टू॰, गुरु, 29 अक्टू॰
संभलकर (चंद्राष्टम): शनि, 3 अक्टू॰, रवि, 4 अक्टू॰, शुक्र, 30 अक्टू॰, शनि, 31 अक्टू॰
धनु
- सूर्य आपके दसवें भाव (करियर, पद, सार्वजनिक काम और प्रतिष्ठा) में: पहचान, ऊर्जा और अधिकारियों का सहयोग।तक
- सूर्य आपके ग्यारहवें भाव (आय, लाभ, बड़े भाई-बहन, मित्रों और पूरी होने वाली इच्छाओं) में: पहचान, ऊर्जा और अधिकारियों का सहयोग।से
- मंगल आपके आठवें भाव (आयु, अचानक बदलाव, गुप्त बातों, शोध और विरासत) में: जल्दबाज़ी, बहस और छोटी चोटें; प्रतिक्रिया से पहले रुकें।
- बुध आपके ग्यारहवें भाव (आय, लाभ, बड़े भाई-बहन, मित्रों और पूरी होने वाली इच्छाओं) में: स्पष्ट सोच, अच्छी बातचीत, अध्ययन और व्यापार।
- शुक्र आपके ग्यारहवें भाव (आय, लाभ, बड़े भाई-बहन, मित्रों और पूरी होने वाली इच्छाओं) में: रिश्तों में मधुरता, सुख-सुविधा और रचनात्मक आनंद।
- गुरु आपके आठवें भाव (आयु, अचानक बदलाव, गुप्त बातों, शोध और विरासत) में: धीमी प्रगति और ज़रूरत से ज़्यादा वादे; योजनाएँ व्यावहारिक रखें।तक
- गुरु आपके नौवें भाव (भाग्य, पिता, गुरुजन, आस्था और लंबी यात्राओं) में: विकास, अच्छी सलाह, भाग्य और आशीर्वाद।से
- शनि आपके चौथे भाव (घर, माता, मन की शांति, संपत्ति और वाहन) में: देरी और भारी ज़िम्मेदारियाँ; धैर्य और दिनचर्या सबसे ज़्यादा मदद करते हैं।
- राहु आपके तीसरे भाव (साहस, भाई-बहन, हाथ और वाणी के कौशल और छोटी यात्राओं) में: साहसी महत्वाकांक्षा और अप्रत्याशित अवसर।
शुभ दिन: गुरु, 1 अक्टू॰, शुक्र, 2 अक्टू॰, शनि, 3 अक्टू॰, रवि, 4 अक्टू॰, शुक्र, 9 अक्टू॰, शनि, 10 अक्टू॰, रवि, 11 अक्टू॰, सोम, 12 अक्टू॰, मंगल, 13 अक्टू॰, शुक्र, 16 अक्टू॰, शनि, 17 अक्टू॰, रवि, 18 अक्टू॰, बुध, 21 अक्टू॰, गुरु, 22 अक्टू॰, शुक्र, 23 अक्टू॰, बुध, 28 अक्टू॰, गुरु, 29 अक्टू॰, शुक्र, 30 अक्टू॰, शनि, 31 अक्टू॰
संभलकर (चंद्राष्टम): सोम, 5 अक्टू॰, मंगल, 6 अक्टू॰
मकर
- सूर्य आपके नौवें भाव (भाग्य, पिता, गुरुजन, आस्था और लंबी यात्राओं) में: अहं का टकराव और थकान; गति संतुलित रखें और वरिष्ठों से धैर्य रखें।तक
- सूर्य आपके दसवें भाव (करियर, पद, सार्वजनिक काम और प्रतिष्ठा) में: पहचान, ऊर्जा और अधिकारियों का सहयोग।से
- मंगल आपके सातवें भाव (विवाह, साझेदारी और लोगों से व्यवहार) में: जल्दबाज़ी, बहस और छोटी चोटें; प्रतिक्रिया से पहले रुकें।
- बुध आपके दसवें भाव (करियर, पद, सार्वजनिक काम और प्रतिष्ठा) में: स्पष्ट सोच, अच्छी बातचीत, अध्ययन और व्यापार।
- शुक्र आपके दसवें भाव (करियर, पद, सार्वजनिक काम और प्रतिष्ठा) में: अधिक ख़र्च और भोग; बजट हल्का रखें।
- गुरु आपके सातवें भाव (विवाह, साझेदारी और लोगों से व्यवहार) में: विकास, अच्छी सलाह, भाग्य और आशीर्वाद।तक
- गुरु आपके आठवें भाव (आयु, अचानक बदलाव, गुप्त बातों, शोध और विरासत) में: धीमी प्रगति और ज़रूरत से ज़्यादा वादे; योजनाएँ व्यावहारिक रखें।से
- शनि आपके तीसरे भाव (साहस, भाई-बहन, हाथ और वाणी के कौशल और छोटी यात्राओं) में: अनुशासित मेहनत से स्थिर फल।
- राहु आपके दूसरे भाव (परिवार, वाणी, भोजन और संचित धन) में: भ्रम और अचानक बदलाव; शॉर्टकट से बचें।
शुभ दिन: शनि, 3 अक्टू॰, रवि, 4 अक्टू॰, सोम, 5 अक्टू॰, मंगल, 6 अक्टू॰, रवि, 11 अक्टू॰, सोम, 12 अक्टू॰, मंगल, 13 अक्टू॰, बुध, 14 अक्टू॰, गुरु, 15 अक्टू॰, सोम, 19 अक्टू॰, मंगल, 20 अक्टू॰, शनि, 24 अक्टू॰, रवि, 25 अक्टू॰, शुक्र, 30 अक्टू॰, शनि, 31 अक्टू॰
संभलकर (चंद्राष्टम): बुध, 7 अक्टू॰, गुरु, 8 अक्टू॰
कुंभ
- सूर्य आपके आठवें भाव (आयु, अचानक बदलाव, गुप्त बातों, शोध और विरासत) में: अहं का टकराव और थकान; गति संतुलित रखें और वरिष्ठों से धैर्य रखें।तक
- सूर्य आपके नौवें भाव (भाग्य, पिता, गुरुजन, आस्था और लंबी यात्राओं) में: अहं का टकराव और थकान; गति संतुलित रखें और वरिष्ठों से धैर्य रखें।से
- मंगल आपके छठे भाव (दैनिक काम, स्वास्थ्य की दिनचर्या, प्रतिस्पर्धा और सेवा) में: जोश, साहस और प्रतिस्पर्धा में जीत।
- बुध आपके नौवें भाव (भाग्य, पिता, गुरुजन, आस्था और लंबी यात्राओं) में: ग़लतफ़हमियाँ और काग़ज़ी भूलें; संदेश दोबारा जाँचें।
- शुक्र आपके नौवें भाव (भाग्य, पिता, गुरुजन, आस्था और लंबी यात्राओं) में: रिश्तों में मधुरता, सुख-सुविधा और रचनात्मक आनंद।
- गुरु आपके छठे भाव (दैनिक काम, स्वास्थ्य की दिनचर्या, प्रतिस्पर्धा और सेवा) में: धीमी प्रगति और ज़रूरत से ज़्यादा वादे; योजनाएँ व्यावहारिक रखें।तक
- गुरु आपके सातवें भाव (विवाह, साझेदारी और लोगों से व्यवहार) में: विकास, अच्छी सलाह, भाग्य और आशीर्वाद।से
- शनि आपके दूसरे भाव (परिवार, वाणी, भोजन और संचित धन) में: देरी और भारी ज़िम्मेदारियाँ; धैर्य और दिनचर्या सबसे ज़्यादा मदद करते हैं।
- राहु आपके पहले भाव (आपके शरीर, स्वभाव और दुनिया से मिलने के ढंग) में: भ्रम और अचानक बदलाव; शॉर्टकट से बचें।
शुभ दिन: सोम, 5 अक्टू॰, मंगल, 6 अक्टू॰, बुध, 7 अक्टू॰, गुरु, 8 अक्टू॰, बुध, 14 अक्टू॰, गुरु, 15 अक्टू॰, शुक्र, 16 अक्टू॰, शनि, 17 अक्टू॰, रवि, 18 अक्टू॰, बुध, 21 अक्टू॰, गुरु, 22 अक्टू॰, शुक्र, 23 अक्टू॰, सोम, 26 अक्टू॰, मंगल, 27 अक्टू॰
संभलकर (चंद्राष्टम): शुक्र, 9 अक्टू॰, शनि, 10 अक्टू॰
मीन
- सूर्य आपके सातवें भाव (विवाह, साझेदारी और लोगों से व्यवहार) में: अहं का टकराव और थकान; गति संतुलित रखें और वरिष्ठों से धैर्य रखें।तक
- सूर्य आपके आठवें भाव (आयु, अचानक बदलाव, गुप्त बातों, शोध और विरासत) में: अहं का टकराव और थकान; गति संतुलित रखें और वरिष्ठों से धैर्य रखें।से
- मंगल आपके पाँचवें भाव (संतान, सृजन, पढ़ाई, बुद्धि और पूर्व पुण्य) में: जल्दबाज़ी, बहस और छोटी चोटें; प्रतिक्रिया से पहले रुकें।
- बुध आपके आठवें भाव (आयु, अचानक बदलाव, गुप्त बातों, शोध और विरासत) में: स्पष्ट सोच, अच्छी बातचीत, अध्ययन और व्यापार।
- शुक्र आपके आठवें भाव (आयु, अचानक बदलाव, गुप्त बातों, शोध और विरासत) में: रिश्तों में मधुरता, सुख-सुविधा और रचनात्मक आनंद।
- गुरु आपके पाँचवें भाव (संतान, सृजन, पढ़ाई, बुद्धि और पूर्व पुण्य) में: विकास, अच्छी सलाह, भाग्य और आशीर्वाद।तक
- गुरु आपके छठे भाव (दैनिक काम, स्वास्थ्य की दिनचर्या, प्रतिस्पर्धा और सेवा) में: धीमी प्रगति और ज़रूरत से ज़्यादा वादे; योजनाएँ व्यावहारिक रखें।से
- शनि आपके पहले भाव (आपके शरीर, स्वभाव और दुनिया से मिलने के ढंग) में: देरी और भारी ज़िम्मेदारियाँ; धैर्य और दिनचर्या सबसे ज़्यादा मदद करते हैं।
- राहु आपके बारहवें भाव (खर्च, विदेश, नींद, एकांत और मोक्ष) में: भ्रम और अचानक बदलाव; शॉर्टकट से बचें।
शुभ दिन: गुरु, 1 अक्टू॰, शुक्र, 2 अक्टू॰, बुध, 7 अक्टू॰, गुरु, 8 अक्टू॰, शुक्र, 9 अक्टू॰, शनि, 10 अक्टू॰, शुक्र, 16 अक्टू॰, शनि, 17 अक्टू॰, रवि, 18 अक्टू॰, सोम, 19 अक्टू॰, मंगल, 20 अक्टू॰, शनि, 24 अक्टू॰, रवि, 25 अक्टू॰, बुध, 28 अक्टू॰, गुरु, 29 अक्टू॰
संभलकर (चंद्राष्टम): रवि, 11 अक्टू॰, सोम, 12 अक्टू॰, मंगल, 13 अक्टू॰
लाहिरी अयनांश से स्थितियाँ; भाव चंद्र राशि से (पूर्ण राशि)। शुभ भाव फलदीपिका के अनुसार; वेध नहीं लगाया गया। चिंतन के लिए, भविष्यवाणी नहीं।
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