लग्न: उगती राशि। दशा: ग्रहों से जुड़ी समय की अवधि। नक्षत्र: चंद्रमा के पथ का एक भाग।

नमूना रिपोर्ट · काल्पनिक व्यक्ति

आरव शर्मा की पाश्चात्य जन्म कुंडली रिपोर्ट

सायन राशिचक्र में आपकी पूरी जन्म कुंडली: सूर्य, चंद्र और लग्न, हर ग्रह अपनी राशि और भाव में, प्रमुख दृष्टियाँ और कुंडली के आकार, आपकी ताक़तें और चुनौतियाँ, और अभी व आने वाले वर्ष में आपकी कुंडली से गुज़रते बाहरी ग्रह।

जन्म
15 अगस्त 1991, 06:40
स्थान
Jaipur, Rajasthan, India
सूर्य · चंद्र
सिंह · तुला
लग्न (राइज़िंग)
कन्या

लग्न: उगती राशि। दशा: ग्रहों से जुड़ी समय की अवधि। नक्षत्र: चंद्रमा के पथ का एक भाग।

01

आपके तीन मुख्य बिंदु

सूर्य — सिंह

आपका सूर्य सिंह राशि में है। सूर्य आपकी मूल पहचान, जीवन-ऊर्जा और वह मकसद जिसकी ओर आप बढ़ते हैं दिखाता है, और आप स्वयं को गर्मजोशी और उदारता से, स्वाभिमान, रचनात्मकता और पहचाने जाने की इच्छा के साथ व्यक्त करते हैं। थकान के दिनों में यही ऊर्जा प्रशंसा की चाह में बदल सकती है; इसे पहचान लेना आधा काम है।

चंद्र: आपका भावनात्मक स्वभाव

आपका चंद्र तुला राशि में है। चंद्र आपकी भावनाएँ, सहज प्रवृत्तियाँ और वह जो आपको सुरक्षित महसूस कराता है दिखाता है। तुला में भावनाएँ शालीनता और न्याय से, साझेदारी, संतुलन और सुरुचि के ज़रिए चलती हैं।

लग्न: आपकी उदय राशि

आपका लग्न, यानी उदय राशि, कन्या है, 0°03′ पर। यह दिखाता है कि आप दुनिया और नई स्थितियों से कैसे मिलते हैं: सावधानी और उपयोगिता से, कौशल, विश्लेषण और शांत सेवा के ज़रिए। लोग अक्सर पहले यही रूप देखते हैं, और भीतर का स्वभाव बाद में सामने आता है।

तीनों एक साथ

आपकी मुख्य राशियाँ अग्नि, वायु और पृथ्वी तत्वों में फैली हैं: आपके भीतर कई रंग हैं, और अलग स्थितियों में अलग पक्ष सामने आते हैं। अग्नि उत्साह, साहस और शुरुआत की चिंगारी देती है। वायु नज़रिया, संवाद और लोगों तथा विचारों के साथ सहजता देती है। पृथ्वी व्यावहारिकता, धैर्य और विचारों को साकार करने की क्षमता देती है।

02

राशियों और भावों में ग्रह

सूर्य — सिंह

आपका सूर्य सिंह राशि में 21°44′ पर, बारहवें भाव में है। सूर्य आपकी मूल पहचान, जीवन-ऊर्जा और वह मकसद जिसकी ओर आप बढ़ते हैं दिखाता है। इस राशि में यह गर्मजोशी और उदारता से, स्वाभिमान, रचनात्मकता और पहचाने जाने की इच्छा के साथ काम करता है।

बारहवें भाव एकांत, विश्राम, अवचेतन मन और शांत सेवा से जुड़ा है; ये विषय यहीं सबसे अधिक दिखते हैं। हर सप्ताह किसी ऐसे काम को समय दें जो सचमुच आपका अपना हो, और उसी से आत्मविश्वास बढ़ने दें।

चंद्र — तुला

आपका चंद्र तुला राशि में 26°32′ पर, तीसरे भाव में है। चंद्र आपकी भावनाएँ, सहज प्रवृत्तियाँ और वह जो आपको सुरक्षित महसूस कराता है दिखाता है। इस राशि में यह शालीनता और न्याय से, साझेदारी, संतुलन और सुरुचि के ज़रिए काम करता है।

तीसरे भाव संवाद, भाई-बहन, पड़ोस, छोटी यात्राएँ और रोज़ की सीख से जुड़ा है; ये विषय यहीं सबसे अधिक दिखते हैं। पहचानें कि आपको क्या फिर से तरोताज़ा करता है, और उसके आसपास विश्राम की छोटी नियमित आदतें बनाएँ।

बुध — कन्या

आपका बुध कन्या राशि में 3°42′ पर, पहले भाव में है। बुध आप कैसे सोचते, सीखते, बोलते और विचार जोड़ते हैं दिखाता है। इस राशि में यह सावधानी और उपयोगिता से, कौशल, विश्लेषण और शांत सेवा के ज़रिए काम करता है। जन्म के समय बुध वक्री था, जिससे इसके विषय अक्सर कर्म से पहले भीतर के सोच-विचार की ओर मुड़ते हैं।

पहले भाव स्वयं, शरीर, पहली छाप और शुरुआत का तरीका से जुड़ा है; ये विषय यहीं सबसे अधिक दिखते हैं। बातें लिखें, एक प्रश्न और पूछें, और शब्दों को उसी सावधानी से चुनें जिससे आप विचार चुनते हैं।

शुक्र — कन्या

आपका शुक्र कन्या राशि में 3°45′ पर, पहले भाव में है। शुक्र प्रेम, मित्रता, आनंद, रुचि और जिसे आप मूल्यवान मानते हैं दिखाता है। इस राशि में यह सावधानी और उपयोगिता से, कौशल, विश्लेषण और शांत सेवा के ज़रिए काम करता है। जन्म के समय शुक्र वक्री था, जिससे इसके विषय अक्सर कर्म से पहले भीतर के सोच-विचार की ओर मुड़ते हैं।

पहले भाव स्वयं, शरीर, पहली छाप और शुरुआत का तरीका से जुड़ा है; ये विषय यहीं सबसे अधिक दिखते हैं। सुंदरता और अपने प्रिय लोगों के लिए जगह बनाएँ, और उन्हें यह बताएँ भी।

मंगल — कन्या

आपका मंगल कन्या राशि में 19°01′ पर, पहले भाव में है। मंगल आगे बढ़ने की वजह, साहस, इच्छा और आप स्वयं को कैसे आगे रखते हैं दिखाता है। इस राशि में यह सावधानी और उपयोगिता से, कौशल, विश्लेषण और शांत सेवा के ज़रिए काम करता है।

पहले भाव स्वयं, शरीर, पहली छाप और शुरुआत का तरीका से जुड़ा है; ये विषय यहीं सबसे अधिक दिखते हैं। ऊर्जा को स्पष्ट लक्ष्य और नियमित शारीरिक गतिविधि में लगाएँ, ताकि वह भड़कने के बजाय कुछ बनाए।

बृहस्पति — सिंह

आपका बृहस्पति सिंह राशि में 23°52′ पर, बारहवें भाव में है। बृहस्पति विकास, आस्था, उदारता और जहाँ अवसर खुलते हैं दिखाता है। इस राशि में यह गर्मजोशी और उदारता से, स्वाभिमान, रचनात्मकता और पहचाने जाने की इच्छा के साथ काम करता है।

बारहवें भाव एकांत, विश्राम, अवचेतन मन और शांत सेवा से जुड़ा है; ये विषय यहीं सबसे अधिक दिखते हैं। सीखने और उदारता को अपनाएँ, पर वादे उतने ही करें जितने निभा सकें।

शनि — कुंभ

आपका शनि कुंभ राशि में 2°08′ पर, छठे भाव में है। शनि नियम से काम, ज़िम्मेदारी और वे सबक जो स्थायी शक्ति बनाते हैं दिखाता है। इस राशि में यह स्वतंत्रता और नवीनता से, आदर्शों, मित्रता और समूह के ज़रिए काम करता है। जन्म के समय शनि वक्री था, जिससे इसके विषय अक्सर कर्म से पहले भीतर के सोच-विचार की ओर मुड़ते हैं।

छठे भाव दैनिक काम, सेहत की आदतें, दिनचर्या और सेवा से जुड़ा है; ये विषय यहीं सबसे अधिक दिखते हैं। एक लंबी लगन चुनें और लगातार निभाएँ; यह स्थिति स्थिर प्रयास का फल देती है।

अरुण — मकर

आपका अरुण मकर राशि में 10°19′ पर, पाँचवें भाव में है। अरुण मौलिकता, स्वतंत्रता और अचानक मिलने वाली अंतर्दृष्टि दिखाता है। इस राशि में यह धैर्य और ज़िम्मेदारी से, व्यवस्था, महत्वाकांक्षा और लंबे प्रयास के ज़रिए काम करता है। जन्म के समय अरुण वक्री था, जिससे इसके विषय अक्सर कर्म से पहले भीतर के सोच-विचार की ओर मुड़ते हैं।

पाँचवें भाव रचनात्मकता, प्रेम-संबंध, खेल, संतान और आत्म-बात रखने की कला से जुड़ा है; ये विषय यहीं सबसे अधिक दिखते हैं। अपने लिए प्रयोगों की जगह रखें, और उन्हें आज़माने के लिए एक स्थिर आधार भी।

वरुण — मकर

आपका वरुण मकर राशि में 14°26′ पर, पाँचवें भाव में है। वरुण कल्पना, आदर्श, करुणा और आध्यात्मिक खोज दिखाता है। इस राशि में यह धैर्य और ज़िम्मेदारी से, व्यवस्था, महत्वाकांक्षा और लंबे प्रयास के ज़रिए काम करता है। जन्म के समय वरुण वक्री था, जिससे इसके विषय अक्सर कर्म से पहले भीतर के सोच-विचार की ओर मुड़ते हैं।

पाँचवें भाव रचनात्मकता, प्रेम-संबंध, खेल, संतान और आत्म-बात रखने की कला से जुड़ा है; ये विषय यहीं सबसे अधिक दिखते हैं। कल्पना को कला, संगीत या सेवा जैसा सच्चा माध्यम दें, और सपनों को तथ्यों से मिलाकर देखें।

यम — वृश्चिक

आपका यम वृश्चिक राशि में 17°38′ पर, तीसरे भाव में है। यम गहरा बदलाव, भीतरी शक्ति और जिसे आप रूपांतरित करते हैं दिखाता है। इस राशि में यह गहराई और निजता से, निष्ठा और नए सिरे से उभरने की क्षमता के साथ काम करता है।

तीसरे भाव संवाद, भाई-बहन, पड़ोस, छोटी यात्राएँ और रोज़ की सीख से जुड़ा है; ये विषय यहीं सबसे अधिक दिखते हैं। जो अपना समय पूरा कर चुका है उसे छोड़ें, और अपनी गहराई से मकसद के साथ नया बनाएँ।

ग्रहराशिअंशभाव
सूर्यसिंह21°44′12
चंद्रमातुला26°32′3
बुध ℞कन्या3°42′1
शुक्र ℞कन्या3°45′1
मंगलकन्या19°01′1
बृहस्पतिसिंह23°52′12
शनि ℞कुंभ2°08′6
यूरेनस ℞मकर10°19′5
नेपच्यून ℞मकर14°26′5
प्लूटोवृश्चिक17°38′3
सायन राशिचक्र, प्लैसिडस भाव। ℞ = वक्री।
03

प्रमुख दृष्टियाँ

दृष्टियाँ ग्रहों के बीच के कोण हैं: वे दिखाती हैं कि आपके भीतर की अलग-अलग शक्तियाँ आपस में कैसे बात करती हैं। सबसे निकट कोण वाली दृष्टियाँ सबसे प्रबल होती हैं, इसलिए वे पहले दी गई हैं।

बुध — शुक्र: युति

बुध और शुक्र में युति (कोण से अंतर 0.1°)। ये दोनों एक होकर काम करते हैं: इनके विषय मिलकर एकाग्रता और तीव्रता देते हैं, और कभी-कभी हर एक को अलग जगह देने को कहते हैं। यहाँ यह आप कैसे सोचते, सीखते, बोलते और विचार जोड़ते हैं को प्रेम, मित्रता, आनंद, रुचि और जिसे आप मूल्यवान मानते हैं से जोड़ता है।

मंगल — यम: षष्ठांश

मंगल और यम में षष्ठांश (कोण से अंतर 1.4°)। एक सहज, सहयोगी संबंध, जो पहल करने पर अवसर खोलता है। यहाँ यह आगे बढ़ने की वजह, साहस, इच्छा और आप स्वयं को कैसे आगे रखते हैं को गहरा बदलाव, भीतरी शक्ति और जिसे आप रूपांतरित करते हैं से जोड़ता है।

सूर्य — बृहस्पति: युति

सूर्य और बृहस्पति में युति (कोण से अंतर 2.1°)। ये दोनों एक होकर काम करते हैं: इनके विषय मिलकर एकाग्रता और तीव्रता देते हैं, और कभी-कभी हर एक को अलग जगह देने को कहते हैं। यहाँ यह आपकी मूल पहचान, जीवन-ऊर्जा और वह मकसद जिसकी ओर आप बढ़ते हैं को विकास, आस्था, उदारता और जहाँ अवसर खुलते हैं से जोड़ता है।

चंद्र — बृहस्पति: षष्ठांश

चंद्र और बृहस्पति में षष्ठांश (कोण से अंतर 2.7°)। एक सहज, सहयोगी संबंध, जो पहल करने पर अवसर खोलता है। यहाँ यह आपकी भावनाएँ, सहज प्रवृत्तियाँ और वह जो आपको सुरक्षित महसूस कराता है को विकास, आस्था, उदारता और जहाँ अवसर खुलते हैं से जोड़ता है।

वरुण — यम: षष्ठांश

वरुण और यम में षष्ठांश (कोण से अंतर 3.2°)। एक सहज, सहयोगी संबंध, जो पहल करने पर अवसर खोलता है। यहाँ यह कल्पना, आदर्श, करुणा और आध्यात्मिक खोज को गहरा बदलाव, भीतरी शक्ति और जिसे आप रूपांतरित करते हैं से जोड़ता है।

सूर्य — यम: चतुर्थांश

सूर्य और यम में चतुर्थांश (कोण से अंतर 4.1°)। एक रचनात्मक खिंचाव: दोनों अलग दिशाओं में खींचते हैं, और दोनों को साधना सच्चा कौशल बनाता है। यहाँ यह आपकी मूल पहचान, जीवन-ऊर्जा और वह मकसद जिसकी ओर आप बढ़ते हैं को गहरा बदलाव, भीतरी शक्ति और जिसे आप रूपांतरित करते हैं से जोड़ता है।

अरुण — वरुण: युति

अरुण और वरुण में युति (कोण से अंतर 4.1°)। ये दोनों एक होकर काम करते हैं: इनके विषय मिलकर एकाग्रता और तीव्रता देते हैं, और कभी-कभी हर एक को अलग जगह देने को कहते हैं। यहाँ यह मौलिकता, स्वतंत्रता और अचानक मिलने वाली अंतर्दृष्टि को कल्पना, आदर्श, करुणा और आध्यात्मिक खोज से जोड़ता है।

मंगल — वरुण: त्रिकोण

मंगल और वरुण में त्रिकोण (कोण से अंतर 4.6°)। स्वाभाविक प्रवाह और जन्मजात प्रतिभा; यह गुण सच्चा है, और सचेत उपयोग से बढ़ता है। यहाँ यह आगे बढ़ने की वजह, साहस, इच्छा और आप स्वयं को कैसे आगे रखते हैं को कल्पना, आदर्श, करुणा और आध्यात्मिक खोज से जोड़ता है।

सूर्य — चंद्र: षष्ठांश

सूर्य और चंद्र में षष्ठांश (कोण से अंतर 4.8°)। एक सहज, सहयोगी संबंध, जो पहल करने पर अवसर खोलता है। यहाँ यह आपकी मूल पहचान, जीवन-ऊर्जा और वह मकसद जिसकी ओर आप बढ़ते हैं को आपकी भावनाएँ, सहज प्रवृत्तियाँ और वह जो आपको सुरक्षित महसूस कराता है से जोड़ता है।

चंद्र — शनि: चतुर्थांश

चंद्र और शनि में चतुर्थांश (कोण से अंतर 5.6°)। एक रचनात्मक खिंचाव: दोनों अलग दिशाओं में खींचते हैं, और दोनों को साधना सच्चा कौशल बनाता है। यहाँ यह आपकी भावनाएँ, सहज प्रवृत्तियाँ और वह जो आपको सुरक्षित महसूस कराता है को नियम से काम, ज़िम्मेदारी और वे सबक जो स्थायी शक्ति बनाते हैं से जोड़ता है।

04

कुंडली के आकार और संतुलन

आपकी कुंडली में 1 विशेष आकृतियाँ बनती हैं। आकृतियाँ तब बनती हैं जब कई ग्रह मिलकर एक ज्यामितीय रूप बनाते हैं, और वे कुंडली की केंद्रीय कहानी दिखाती हैं।

ग्रह-समूह

ग्रह-समूह: बुध, शुक्र और मंगल कन्या राशि में, पहले भाव में।

एक राशि में तीन या अधिक ग्रहों का समूह कुंडली की बहुत-सी ऊर्जा एक स्थान पर केंद्रित करता है: प्रबल एकाग्रता और स्पष्ट पहचान।

तत्व और स्वभाव का संतुलन

आपकी कुंडली में दस ग्रहों का तत्व-विभाजन: अग्नि 2, पृथ्वी 5, वायु 2, जल 1। सबसे प्रबल तत्व पृथ्वी है। पृथ्वी व्यावहारिकता, धैर्य और विचारों को साकार करने की क्षमता देती है।

सबसे कम तत्व जल है। कम जल होने पर भावनाओं को नाम देना, चाहे डायरी में ही, उन्हें बहने देता है।

स्वभाव के अनुसार: चर 3, स्थिर 4, द्विस्वभाव 3। स्थिर राशियों पर ज़ोर एक पालनकर्ता दिखाता है: आप बनाते हैं, थामे रखते हैं और काम पूरा करते हैं।

05

ताक़तें और चुनौतियाँ

आपकी शक्तियाँ

पृथ्वी व्यावहारिकता, धैर्य और विचारों को साकार करने की क्षमता देती है। यही तत्व आपकी कुंडली में सबसे प्रबल है, इसलिए यह गुण स्वाभाविक रूप से आपका है।

मंगल और यम में षष्ठांश (कोण से अंतर 1.4°)। यह सहज प्रवाह आगे बढ़ने की वजह, साहस, इच्छा और आप स्वयं को कैसे आगे रखते हैं और गहरा बदलाव, भीतरी शक्ति और जिसे आप रूपांतरित करते हैं को साथ लाता है; इसे सावधानी से उपयोग करें।

चंद्र और बृहस्पति में षष्ठांश (कोण से अंतर 2.7°)। यह सहज प्रवाह आपकी भावनाएँ, सहज प्रवृत्तियाँ और वह जो आपको सुरक्षित महसूस कराता है और विकास, आस्था, उदारता और जहाँ अवसर खुलते हैं को साथ लाता है; इसे सावधानी से उपयोग करें।

वरुण और यम में षष्ठांश (कोण से अंतर 3.2°)। यह सहज प्रवाह कल्पना, आदर्श, करुणा और आध्यात्मिक खोज और गहरा बदलाव, भीतरी शक्ति और जिसे आप रूपांतरित करते हैं को साथ लाता है; इसे सावधानी से उपयोग करें।

मंगल और वरुण में त्रिकोण (कोण से अंतर 4.6°)। यह सहज प्रवाह आगे बढ़ने की वजह, साहस, इच्छा और आप स्वयं को कैसे आगे रखते हैं और कल्पना, आदर्श, करुणा और आध्यात्मिक खोज को साथ लाता है; इसे सावधानी से उपयोग करें।

विकास के क्षेत्र

कम जल होने पर भावनाओं को नाम देना, चाहे डायरी में ही, उन्हें बहने देता है।

सूर्य और यम में चतुर्थांश (कोण से अंतर 4.1°)। यह खिंचाव आपकी मूल पहचान, जीवन-ऊर्जा और वह मकसद जिसकी ओर आप बढ़ते हैं और गहरा बदलाव, भीतरी शक्ति और जिसे आप रूपांतरित करते हैं के बीच संतुलन माँगता है; दोनों को समय देना ही इसका समाधान है।

चंद्र और शनि में चतुर्थांश (कोण से अंतर 5.6°)। यह खिंचाव आपकी भावनाएँ, सहज प्रवृत्तियाँ और वह जो आपको सुरक्षित महसूस कराता है और नियम से काम, ज़िम्मेदारी और वे सबक जो स्थायी शक्ति बनाते हैं के बीच संतुलन माँगता है; दोनों को समय देना ही इसका समाधान है।

चुनौती वाली दृष्टियाँ अक्सर सबसे बड़ी उपलब्धियों का स्रोत बनती हैं, क्योंकि वे प्रयास और विकास माँगती हैं।

06

अभी के बाहरी ग्रह

3 अक्टूबर 2026 का आकाश

बाहरी ग्रह धीरे चलते हैं, इसलिए उनके गोचर महीनों तक चलने वाले विषय दिखाते हैं।

गोचर में बृहस्पति अभी सिंह में है। इसका गोचर विकास, सीख और नए द्वार का विषय लाता है।

गोचर में शनि अभी मेष में है और वक्री है। इसका गोचर व्यवस्था, प्रयास और परिपक्व होती ज़िम्मेदारियाँ का विषय लाता है।

गोचर में अरुण अभी मिथुन में है और वक्री है। इसका गोचर बदलाव, स्वतंत्रता और अप्रत्याशित मोड़ का विषय लाता है।

गोचर में वरुण अभी मेष में है और वक्री है। इसका गोचर कल्पना, संवेदनशीलता और छोड़ देना का विषय लाता है।

गोचर में यम अभी कुंभ में है और वक्री है। इसका गोचर गहरा नवीनीकरण और शक्ति में बदलाव का विषय लाता है।

आपकी कुंडली पर अभी के गोचर

गोचर का वरुण जन्म शनि से षष्ठांश बना रहा है (अंतर 0.7°, निकट आती)। यह कल्पना, संवेदनशीलता और छोड़ देना को नियम से काम, ज़िम्मेदारी और वे सबक जो स्थायी शक्ति बनाते हैं से जोड़ता है।

गोचर का यम जन्म शनि से युति बना रहा है (अंतर 1°, निकट आती)। यह गहरा नवीनीकरण और शक्ति में बदलाव को नियम से काम, ज़िम्मेदारी और वे सबक जो स्थायी शक्ति बनाते हैं से जोड़ता है।

गोचर का अरुण जन्म शुक्र से चतुर्थांश बना रहा है (अंतर 1.7°, निकट आती)। यह बदलाव, स्वतंत्रता और अप्रत्याशित मोड़ को प्रेम, मित्रता, आनंद, रुचि और जिसे आप मूल्यवान मानते हैं से जोड़ता है।

गोचर का बृहस्पति जन्म सूर्य से युति बना रहा है (अंतर 1.8°, निकट आती)। यह विकास, सीख और नए द्वार को आपकी मूल पहचान, जीवन-ऊर्जा और वह मकसद जिसकी ओर आप बढ़ते हैं से जोड़ता है।

गोचर का अरुण जन्म बुध से चतुर्थांश बना रहा है (अंतर 1.8°, निकट आती)। यह बदलाव, स्वतंत्रता और अप्रत्याशित मोड़ को आप कैसे सोचते, सीखते, बोलते और विचार जोड़ते हैं से जोड़ता है।

07

आने वाला वर्ष

3 अक्टूबर 2026 से 3 अक्टूबर 2027 तक बृहस्पति से यम तक के बाहरी ग्रहों के गोचर: राशि परिवर्तन, वक्री और मार्गी होने की तिथियाँ, और आपकी कुंडली के मुख्य बिंदुओं पर सटीक दृष्टियाँ। ये संभावित विषय हैं, निश्चित घटनाएँ नहीं।

13 अक्टूबर 2026: गोचर का बृहस्पति जन्म सूर्य से सटीक युति बनाता है।

16 अक्टूबर 2026: गोचर में यम कुंभ में मार्गी होता है; फिर से आगे बढ़ने का समय।

16 अक्टूबर 2026: गोचर का यम जन्म शनि से सटीक युति बनाता है।

29 अक्टूबर 2026: गोचर का वरुण जन्म शनि से सटीक षष्ठांश बनाता है।

23 नवंबर 2026: गोचर का अरुण जन्म शुक्र से सटीक चतुर्थांश बनाता है।

25 नवंबर 2026: गोचर का बृहस्पति जन्म चंद्र से सटीक षष्ठांश बनाता है।

25 नवंबर 2026: गोचर का अरुण जन्म बुध से सटीक चतुर्थांश बनाता है।

10 दिसंबर 2026: गोचर में शनि मेष में मार्गी होता है; फिर से आगे बढ़ने का समय।

12 दिसंबर 2026: गोचर में वरुण मेष में मार्गी होता है; फिर से आगे बढ़ने का समय।

13 दिसंबर 2026: गोचर में बृहस्पति सिंह में वक्री होता है; पुनर्विचार और समीक्षा का समय।

30 दिसंबर 2026: गोचर का बृहस्पति जन्म चंद्र से सटीक षष्ठांश बनाता है।

6 जनवरी 2027: गोचर का अरुण जन्म शनि से सटीक त्रिकोण बनाता है।

24 जनवरी 2027: गोचर का वरुण जन्म शनि से सटीक षष्ठांश बनाता है।

8 फ़रवरी 2027: गोचर में अरुण मिथुन में मार्गी होता है; फिर से आगे बढ़ने का समय।

13 फ़रवरी 2027: गोचर का बृहस्पति जन्म सूर्य से सटीक युति बनाता है।

12 मार्च 2027: गोचर का अरुण जन्म शनि से सटीक त्रिकोण बनाता है।

13 अप्रैल 2027: गोचर में बृहस्पति सिंह में मार्गी होता है; फिर से आगे बढ़ने का समय।

20 अप्रैल 2027: गोचर का अरुण जन्म बुध से सटीक चतुर्थांश बनाता है।

21 अप्रैल 2027: गोचर का अरुण जन्म शुक्र से सटीक चतुर्थांश बनाता है।

8 मई 2027: गोचर में यम कुंभ में वक्री होता है; पुनर्विचार और समीक्षा का समय।

10 मई 2027: गोचर का शनि जन्म सूर्य से सटीक त्रिकोण बनाता है।

30 मई 2027: गोचर का शनि जन्म बृहस्पति से सटीक त्रिकोण बनाता है।

10 जून 2027: गोचर का बृहस्पति जन्म सूर्य से सटीक युति बनाता है।

30 जून 2027: गोचर का शनि जन्म चंद्र से सटीक प्रतियुति बनाता है।

8 जुलाई 2027: गोचर का बृहस्पति जन्म चंद्र से सटीक षष्ठांश बनाता है।

9 जुलाई 2027: गोचर में वरुण मेष में वक्री होता है; पुनर्विचार और समीक्षा का समय।

18 जुलाई 2027: गोचर का बृहस्पति जन्म मध्याकाश से सटीक चतुर्थांश बनाता है।

26 जुलाई 2027: गोचर में बृहस्पति कन्या में प्रवेश करता है, विकास, सीख और नए द्वार का नया अध्याय।

26 जुलाई 2027: गोचर का बृहस्पति जन्म लग्न बिंदु से सटीक युति बनाता है।

9 अगस्त 2027: गोचर में शनि मेष में वक्री होता है; पुनर्विचार और समीक्षा का समय।

12 अगस्त 2027: गोचर का बृहस्पति जन्म बुध से सटीक युति बनाता है।

13 अगस्त 2027: गोचर का बृहस्पति जन्म शुक्र से सटीक युति बनाता है।

15 सितंबर 2027: गोचर में अरुण मिथुन में वक्री होता है; पुनर्विचार और समीक्षा का समय।

19 सितंबर 2027: गोचर का शनि जन्म चंद्र से सटीक प्रतियुति बनाता है।

08

यह रिपोर्ट कैसे बनी

यह रिपोर्ट पाश्चात्य परंपरा के सायन राशिचक्र और प्लासिडस भाव पर आधारित है। मुख्य दृष्टियों की सीमाएँ: युति और प्रतियुति 8°, चतुर्थांश और त्रिकोण 6°, षष्ठांश 4°, सूर्य या चंद्र होने पर 2° अधिक। गोचर की सीमा 3° (षष्ठांश 2°) रखी गई है।

उन्नत iAstroGuru इंजन से गणना, भरोसेमंद संदर्भों से सटीकता के लिए परखी गई। हर स्थिति की गणना उन्नत iAstroGuru इंजन ने की है। यह रिपोर्ट उन्हीं गणनाओं की स्वचालित व्याख्या है, और बहु-स्तरीय गुणवत्ता जाँच से गुज़री है। ज्योतिष एक व्याख्यात्मक परंपरा है; यहाँ कुछ भी चिकित्सा, कानूनी या पैसे संबंधी सलाह नहीं है।

उन्नत iAstroGuru इंजन से गणना, भरोसेमंद संदर्भों से सटीकता के लिए परखी गई।

इन गणनाओं से स्वचालित व्याख्या, हर रिपोर्ट हमारी बहु-स्तरीय गुणवत्ता जाँच से परखी गई।