
जल तत्व · स्वामी मंगल
वृश्चिक राशि
Vrishchika (Scorpio)
गहराई और परिवर्तन। तीव्रता, निजता, सहनशक्ति और सतह के नीचे की बात समझने की इच्छा से जुड़ी राशि।
- पश्चिमी सूर्य राशि तिथियाँ
- 23 अक्टूबर – 21 नवंबर
- वैदिक सूर्य राशि तिथियाँ
- 17 नवंबर – 15 दिसंबर
- तत्व
- जल
- स्वामी ग्रह
- मंगल
वृश्चिक राशि के भीतर नक्षत्र
वृश्चिक राशि के नक्षत्र
- विशाखा Vishakhaपाद 4 · स्वामी गुरुप्रतीक: विजय तोरण। देवता: इंद्र और अग्नि। विषय: उद्देश्य, एकाग्रता और दृढ़ता।
- अनुराधा Anuradhaपाद 1, 2, 3, 4 · स्वामी शनिप्रतीक: कमल। देवता: मित्र, मित्रता के देव। विषय: भक्ति, सहयोग और निष्ठा।
- ज्येष्ठा Jyeshthaपाद 1, 2, 3, 4 · स्वामी बुधप्रतीक: गोल ताबीज़ या छत्र। देवता: इंद्र, देवराज। विषय: रक्षा, वरिष्ठता और साहस।
ये पारंपरिक संबंध चिंतन के लिए हैं, भविष्यवाणी नहीं। तिथियाँ अनुमानित हैं और हर वर्ष एक दिन आगे-पीछे हो सकती हैं।


